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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर तंबाकू सेवन छोड़ने और तंबाकू निषेध कानून को सख्त बनाने की हुई अपील

रायपुर, 9 मार्च 2024, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर तंबाकू सेवन का महिला स्वास्थ्य पर असर को लेकर एक संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित किया ...

रायपुर, 9 मार्च 2024, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर तंबाकू सेवन का महिला स्वास्थ्य पर असर को लेकर एक संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वोलेंट्री हेल्थ एसोसिएशन ऑफ इंडिया (VHAI) और कोपलवाणी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में एक ओर उपस्थित महिलाओं को तंबाकू सेवन से होने वाली स्वास्थ्यगत समस्याओं की जानकारी देते हुए स्वस्थ्य एवं तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका के बारे में बताया गया। वहीं दूसरी ओर तंबाकू बिक्री निषेध अधिनियम की जानकारी भी महिलाओं के साथ साझा की गई। इस दौरान उपस्थित महिलाओं ने तंबाकू मुक्त विकसित भारत बनाने और छत्तीसगढ़ को तंबाकू मुक्त राज्य बनाने के लिए तंबाकू का सेवन छोड़ने और तंबाकू निषेध कानून को सख्त बनाने की अपील की। कार्यक्रम में WDC दुर्गा महाविद्यालय रायपुर,  राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) दुर्गा महाविद्यालय एवं डीबी गर्ल्स कॉलेज का सक्रिय सहयोग रहा।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि “महिलाएं चाहें तो हर असंभव कार्य को संभव बना सकती हैं। महिलाएं सिर्फ घर की जिम्मेदारी ही संभालने में सक्षम नहीं हैं, बल्कि घर और बाहर की जिम्मेदारी भी वह बखूबी संभालती हैं। इतना ही नहीं एक स्वस्थ्य समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अग्रणी होती है। इसलिए तंबाकू मुक्त समाज, तंबाकू मुक्त राज्य और तंबाकू मुक्त देश को बनाने में महिलाओं को आगे आने की जरूरत है।“ इस दौरान उन्होंने “महिलाओं से अपनी शक्ति को पहचानकर तंबाकू मुक्त छत्तीसगढ़ राज्य को बनाने और अपने घर-परिवार और समाज को भी तंबाकू सेवन से बचाने का आह्वान किया।“

कार्यक्रम में दुर्गा महाविद्यालय की प्रो. डॉ. दिपाली शर्मा ने कहा “आज हर क्षेत्र में महिलाएं बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं और वो अपनी दक्षता से सफलता भी हासिल कर रही हैं। बावजूद इसके नशापान मुक्त समाज और परिवार का निर्माण करने में वह उतनी सक्रिय नहीं हैं या उनके विचारों को दबा दिया जाता है। इसलिए बहुत जरूरी है कि तंबाकू पदार्थों के सेवन और अन्य तरह के नशा के बारे में भी महिलाएं मुखर होंकर अपने विचार व्यक्त करें। तभी तंबाकू मुक्त घर-परिवार और समाज की परिकल्पना वह साकार कर सकेंगी।“ इस दौरान उन्होंने तंबाकू निषेध कानून को और सख्त बनाने पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दुर्गा महाविद्यालय की एनएसएस प्रोग्राम अधिकारी प्रो. सुनीता चंसोरिया ने कहा कि “आज की युवा पीढ़ी को तंबाकू के सेवन की आदत से बचाना होगा क्योंकि आज के युवा ही कल का भविष्य हैं। विशेषकर सभी महिलाओं को तंबाकू सेवन ना ही करने और ना ही करने देने  की सोच रखनी रखते हुए तंबाकू मुक्ति के क्षेत्र में भी अपना विशेष योगदान देना होगा। तभी तंबाकू मुक्त भारत और तंबाकू मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने की परिकल्पना साकार होगी। इस दौरान उन्होंने तंबाकू निषेध कानून को और मजबूत करने की अपील भी की।“

कार्यक्रम में कोपलवाणी संस्था की संस्थापिका पद्मा शर्मा ने भी संस्थान के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए तंबाकू मुक्त भारत में महिलाओं की अग्रणी भूमिका का समर्थन किया। साथ ही तंबाकू मुक्त समाज बनाने के लिए तंबाकू निषेध कानून को और सख्त बनाने की अपील की। कार्यक्रम में वोलेंट्री हेल्थ एसोसिएशन के अवधेश मल्लिक ने भी संस्थान के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए , देश और छत्तीसगढ़ में तंबाकू का सेवन किए जाने की विस्तृत जानकारी दी।

इस दौरान जन शिक्षण संस्थान की संध्या बडोले, निशा सम्तुरकर, प्रिया रामटेके एवं मितानिन टेसू देवांगन, मोहिनी देवांगन, वर्षा ठाकुर एवं अन्य ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए तंबाकू मुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए तंबाकू निषेध कानून को सख्त बनाने को जरूरी बताया।  कार्यक्रम का संचालन वोलेंट्री हेल्थ एसोसिएशन की सुष्मिता श्रीवास्तव ने और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. डॉ. प्रगति दुबे ने किया। इस मौके पर काफी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।

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