रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कार्यक्रम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने दावा किया था कि छत्तीसगढ़...
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कार्यक्रम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने दावा किया था कि छत्तीसगढ़ में कुल 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 मतदाता हैं। इसके तहत आयोग द्वारा प्रदेश की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई थी। साथ ही, मतदाता सूची से बाहर हुए लोगों को अपना नाम दोबारा जुड़वाने या त्रुटियों में सुधार के लिए दावा–आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया, ताकि मतदाता सूची को सटीक और अद्यतन बनाया जा सके।
SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने दावा किया था कि प्रदेश में कुल 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इसके आधार पर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई, जिसके बाद मतदाताओं से दावे और आपत्तियां आमंत्रित की गईं।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होते ही यह सामने आया कि विभिन्न कारणों से करीब 27 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इनमें मृत मतदाता, स्थायी रूप से स्थानांतरित लोग, दोहरे नाम और गलत प्रविष्टियों को कारण बताया गया है।
वोटर लिस्ट से नाम हटने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने निर्वाचन आयोग से संपर्क किया। अब तक 2 लाख 74 हजार से अधिक नागरिकों ने अपना नाम दोबारा जुड़वाने के लिए आवेदन किया है। यह प्रक्रिया लगातार जारी है और आने वाले दिनों में मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
अब सभी की नजरें अंतिम वोटर लिस्ट पर टिकी हैं, जो दावा–आपत्ति के निपटारे के बाद जारी की जाएगी। माना जा रहा है कि इसमें बड़ी संख्या में नए नाम जुड़ेंगे और हटाए गए कई मतदाताओं को फिर से मतदान का अधिकार मिलेगा।

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