नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज सोमवार को अहमदाबाद स्थित महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम पहुंचे। प्र...
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज सोमवार को अहमदाबाद स्थित महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मन चांसलर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की विरासत से रूबरू कराया। इन ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षणों की तस्वीरें विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा कीं।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने तीन तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा, “महात्मा की विरासत को साथ में देखना साझा मूल्यों का उत्सव है। पीएम मोदी और फ्रेडरिक मर्ज साबरमती आश्रम पहुंचे, वहीं से जहां से गांधी जी ने दांडी मार्च की शुरुआत की थी। दोनों नेताओं ने बापू की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उनके चिरस्थायी आदर्शों पर गहन चिंतन किया। चांसलर मर्ज ने चरखा चलते हुए देखा और बापू के विजन की अनंत विरासत को प्रत्यक्ष अनुभव किया।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच सोमवार को गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में द्विपक्षीय वार्ता भी हुई। यह बैठक भारत और जर्मनी के बीच 25 वर्ष पुरानी रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित की गई।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, तकनीक, शिक्षा, स्किल और मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। इसके साथ ही रक्षा और सुरक्षा, विज्ञान, अनुसंधान, हरित विकास और लोगों के बीच संपर्क जैसे अहम विषयों पर साझेदारी को और सशक्त करने पर भी सहमति बनी।
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज दो दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। सोमवार सुबह उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ सबसे पहले साबरमती आश्रम पहुंचकर महात्मा गांधी को नमन किया। इसके बाद दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे, जहां उन्होंने ‘अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव’ में भाग लिया और साथ में पतंग उड़ाई।
साबरमती आश्रम भ्रमण के बाद जर्मन चांसलर मर्ज ने विजिटर्स बुक में लिखा, “महात्मा गांधी की अहिंसा की अवधारणा, स्वतंत्रता की शक्ति में उनका विश्वास और प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा में उनकी आस्था आज भी लोगों को प्रेरित करती है। गांधी के आदर्शों की आज पहले से कहीं अधिक आवश्यकता है।”
प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज की यह मुलाकात भारत-जर्मनी संबंधों को साझा मूल्यों, ऐतिहासिक विरासत और भविष्य के सहयोग की मजबूत नींव पर आगे बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है।

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